Mere Liye kya Ho Tum
कैसे कहुँ मेरे लिए क्या हो तूम
मेरे लिए तो सबा हो तुम
छाओ भी तूम … धूप भी तुम
मेरी तमन्नाओँका तो रूप भी तूम
इस भटकती कश्ती का साहिल भी तूम
मेरे दिल में बसा खयाल हो तूम
मैं महसूस करु वो खयाल हो तूम
दिल में बसी चाहत हो तूम
इंतज़ार का राहत हो तूम
सुबह की किरण हो तूम
रात की खुशबू हो तूम
प्यासे इस रूह को झील हो तूम
रंग दे ख़यालोंको मेरे वो हीना हो तूम
परेशाँ दिल को दिलासा हो तूम
Sabaa = gentle breeze
Wa ! Kya khub !!!
ReplyDeleteWa ! Kya khub !!!
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